बर्बाद ये गुलिस्तां करने को, बस एक ही उल्लू काफी हैहर साख पर उल्लू बैठा है, अंजाम ये गुलिस्तां क्या होगा…——- ये दो चेहरे (बाएं से पहले और दूसरे) #Patna_Police

दारोगा हैं, जिन्हें कल रात विजिलेंस की टीम ने एक व्यक्ति से अंधेरे में छिपकर 50 हजार रिश्वत लेते पकड़ा था। एक दारोगा 2019 बैच का, दूसरे की पहली पोस्टिंग छह महीने पहले ही हुई थी। दोनों रूपसपुर थाने में तैनात थे। अब जेल जा रहे हैं ।2009 के बाद 2018 से दारोगा की बहाली शुरू हुई। इसके बाद आया बैच 2019 सबसे बड़ा है। विडंबना है कि हालिया दिनों में पटना से छपरा तक 2019 बैच के दारोगा रंगदारी, अवैध वसूली में जेल गए हैं। 5-10 ऐसे लोग 1600-1700 के समूह को बदनाम कर रहे हैं। ये अपने साथ प्रशिक्षु को भी साथ लेकर गए थे। शायद सीखा रहे हों, कितना प्रेशर देने पर मीटर (नजराना) बढ़ता है।जिस आयु में पुलिसिंग का जज्बा होना चाहिए, वहां रातों-रात राजा बनने का जुनून है। यह चिंता का बड़ा विषय है। ऐसे भ्रष्टाचारियों (जो अब तक न पकड़े गए हो) से न्याय की उम्मीद बेमानी है। वरीय अधिकारी जब इनके द्वारा किए गए अनुसंधान की गंभीरता से समीक्षा करेंगे, तब शायद पीड़ितों को न्याय मिल सके। हालांकि, वहां भी…।